हर साल 1 दिसंबर को दुनिया भर में वर्ल्ड एड्स डे मनाया जाता है इस खास दिन को मनाने के पीछे का उद्देश्य को लेकर हर किसी को और हर उम्र के लोगों के बीच में जागरूकता बनाना है अगर इस दिन के इतिहास की बात की जाए तो इसे सबसे पहले वैश्विक स्तर पर डब्ल्यूएचओ ने अगस्त 1987 में ही बनाया था खास बात यह है कि वर्ल्ड ऐड्स डे ग्लोबल हेल्थ के लिए पहला इंटरनेशनल डे है जिसमें हर साल यूनाइटेड नेशन की एजेंसी सरकार और बाकी लोग एचआईवी से जुड़ी खास थीम पर अभियान चलाने के लिए एक साथ आते हैं हर साल यह अलग-अलग थीम से मनाया जाता है इस साल वर्ल्ड एड्स डे 2022 की थीम है समानता यह चुनौतियों की सूची में शामिल हो गई है जिनके प्रति वर्ल्ड ऐड्स डे ने दुनिया भर में लोगों को अलग किया है वर्ल्ड एड्स डे का महत्व लोगों और सरकार को इस बात का एहसास कराना है कि देश में एड्स रोगी अभी भी मौजूद है और उनके लिए ठीक तरीके से इलाज को करना चाहिए और साथ ही लोगों को जागरूक रहना चाहिए इस बीमारी से पीड़ित लोगों के लिए धन जुटाने की भी आवश्यकता है अगर हम एक की बात करें तो एक जानलेवा बीमारी है इस लोगों को अभी तक किसी भी तरीके का इलाज नहीं मिला है तो इस रोग से बचने का एकमात्र कारण है कि हम अपने जीवन में सुरक्षित कदम उठाए इसके लिए सुरक्षित कदम  उठाकर ही इस बीमारी से बच सकते हैं क्योंकि एक बार एचआईवी से संक्रमित होने की वजह से हमारी बॉडी में वाइट ब्लड को यह वायरस निष्क्रिय कर देता है जिसकी वजह से व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक शक्ति कम हो जाती है और रोगी के शरीर में वायरस से लड़ने की शक्ति भी खत्म हो जाती है जिस वजह से इंसान हल्की सी हल्की बीमारी की वजह से काफी गंभीर अवस्था में जा सकता है तो इसी बात की जागरूकता बढ़ाने के लिए यह दिवस मनाया जाता है

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