आज 7 दिसंबर के दिन पूरे देश में सशस्त्र सेना झंडा दिवस मनाया जाता है देश के लिए अपनी जान को कुर्बान करने वाले शहीदों की याद में इसे मनाया जाता है इस दिन की शुरुआत 1949 से की गई थी इस साल इस दिवस के दिन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शहीद जवानों के परिवार की मदद के लिए भारत के वीर पोर्टल लांच किया इसके अलावा भी यह पोर्टल पुलिस बलों के अधिकारियों और जवानों के कल्याण के लिए भी कार्य करेगा. अकेले केंद्र सरकार और राज्य सरकार की ही यह जिम्मेदारी नहीं है कि वह शहीद सैनिक के परिवार और उनके अनाथ बच्चों की सहायता करें बल्कि यह प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है कि वह उनकी देखरेख सहायता और उनके वित्तीय सहायता भी प्रदान करें अगर इस दिन के इतिहास की बात करें तो 28 अगस्त 1949 को रक्षा मंत्री की समिति ने सशस्त्र सेना झंडा दिवस को बनाया था 1993 में भारत की रक्षा मंत्रालय ने सशस्त्र सेना दिवस कोष की स्थापना करने के लिए युद्ध पीड़ितों के लिए धन इकट्ठा करने के लिए इस कॉस्को बनाने का प्रस्ताव रखा था सैनिक हमारे देश की सुरक्षा के लिए कितने महत्वपूर्ण है इस बात को भी हमें कभी नहीं भूलना चाहिए और साथ ही उनके द्वारा दिए गए बलिदान को भी हमें याद रखना चाहिए और इसी के चलते उनके परिवार की सहायता करना हमारा कर्तव्य है इसी बात को ध्यान में रखते हुए हर साल 7 दिसंबर को यह सशस्त्र सेना झंडा दिवस मनाया जाता है

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